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ओणम की कहानी: Story of Onam

ओणम की कहानी: Story of Onam ओणम की कहानी भगवान विष्णु और उनके वामन अवतार से जुड़ी है.  प्राचीन मान्यताओं और मिथकों के अनुसार केरल में एक महाप्रतापी राजा हुआ करते था जिसका नाम था राक्षस नरेश बलि. वह विष्णु भगवान के परम भक्त प्रह्लाद का पौत्र था. बलि उदार शासक और महापराक्रमी था लेकिन राक्षसी प्रवृत्ति के कारण बलि ने देवदाओं के राज्य को बलपूर्वक छीन लिया था. राजा बलि ने देवताओं को कष्ट में डाल दिया. जब बलि से देवतागण बुरी तरह परेशान हो गए उन्होंने भगवान विष्णु से सहायता करने का आग्रह किया. देवताओं की प्रार्थना सुनकर भगवान श्री विष्णु ने वामन अवतार लिया और महर्षि कश्यप व उनकी पत्नी अदिति के घर जन्म लिया. एक दिन वामन बलि की सभा में पहुंचे. महा बलि ने श्रद्धा से वामन जी का स्वागत किया और जो चाहे मांगने को कहा. FOre More Vsit Story of Onam, Onam Festival of India, Festivals of India, Lord Vishnu, Vaman Avtar, Onam Story, South Indian Food

हॉकी के जादूगर की जादूगरी: Dhyan Chand Profile in Hindi

अगर भारत में क्रिकेट का नाम आते ही दिमाग में सचिन की छवि बनती है तो यहां हॉकी का दूसरा नाम मेजर ध्यानचंद हैं. अगर क्रिकेट में लोग सर डॉन ब्रैडमैन को सबसे बेहतर खिलाड़ी मानते हैं और टेनिस में रॉड लेवर जैसा कोई नहीं हुआ तो हॉकी में कुछ ऐसा ही स्थान ध्यानचंद को हासिल है.   र्लिन ओलंपिक में ध्यानचंद के शानदार प्रदर्शन के कारण भारत ने जीत हासिल की. हिटलर को जब यह पता लगा कि ध्यानचंद भारतीय सेना में नायक पद पर हैं, तो उसने उन्हें जर्मन सेना में फील्ड मार्शल बनाने की पेशकश तक कर डाली, पर ध्यानचंद ने विनम्रता के साथ यह प्रस्ताव ठुकरा दिया.   Read: Hilter Joke Dhyan Chand and His Hockey Stick ध्यानचंद का गेंद पर जबर्दस्त नियंत्रण को देखकर हॉलैंड और जापान के अधिकारियों ने कई बार उनकी हॉकी स्टिक तोड़कर यह जानने का प्रयास किया कि स्टिक में कहीं कोई गड़बड़ तो नहीं है, पर ऐसा कुछ भी नहीं था. For More Intersting Facts VISIT: Magic of Major Dhyan Chand Dhyanchand of Hockey, Dhyan Chand, Hockey, Olympic gold medals, Indian Army, Dhyan Chand Profile in Hin...

Subhas Chandra Bose and His Freedom Movement in Hindi

history of india, History of India, India History, History of Ancient India, Indian Independence Movement, “स्वतंत्रता संग्राम के मेरे साथियों! स्वतंत्रता बलिदान चाहती है. आप ने आजादी के लिए बहुत त्याग किए हैं , किंतु अपनी जान की आहुति अभी बाकी है. मैं आप सबसे एक चीज मांगता हूं और वह है खून. दुश्मन ने हमारा जो खून बहाया है, उसका बदला सिर्फ खून से ही चुकाया जा सकता है. इसलिए तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हे आजादी दूंगा.”   सुभाषचन्द बोस का कथन देश के इतिहास में अगर किसी को असली सुपरहीरो माना जाता है तो वह हैं हमारे नेताजी सुभाषचन्द्र बोस. सुभाष चन्द्र बोस एक आम भारतीय ही थे. उच्च शिक्षा प्राप्त और अच्छे उज्जवल कॅरियर को त्याग देश के इस महान हीरो ने दर-दर भटक कर देश की आजादी के लिए प्रयास किए. इसी कड़ी में उन्होंने “आजाद हिन्द फौज” की स्थापना की जो निर्विवाद रूप से देश की सबसे ताकतवर सेना मानी जाती थी. आजादी के लिए जो सुभाष चन्द बोस जी ने कहा था वह आज भी हमें देशभक्ति से ओत-प्रोत करता है:

Story of Partition of India

www.jagranjunction.com  14 अगस्‍त 1947 को रात को 11.00 बजे संघटक सभा द्वारा भारत की स्‍वतंत्रता को मनाने की एक बैठक आरंभ हुई, जिसमें अधिकार प्रदान किए जा रहे थे. जैसे ही घड़ी में रात के 12.00 बजे भारत को आज़ादी मिल गई और भारत एक स्‍वतंत्र देश बन गया. Tragic Story of Partition of India पर इस देश को आजादी की एक बड़ी कीमत अदा करनी पड़ी और वह थी पाकिस्तान जिसकी कीमत आज भी हम चुका रहे हैं. पाकिस्तान की उपज कुछ तथाकथित मुस्लिम प्रेमियों की थी जिन्हें सत्ता का लोभ देशहित से भी ज्यादा था. देश के विभाजन की मार्मिक कथा जानने के लिए यहां क्लिक करें: http://days.jagranjunction.com/2012/08/12/partition-of-india-in-hindi/

संता बंता जोक्स: Santa Banta Jokes in Hindi (www.jokes.jagranjunction.com)

संता बंता जोक्स: Santa Banta Jokes टीचर:   बेटा चोरी करना बुरी बात है, चोरी का फल हमेशा कड़वा होता है. संता:   लेकिन मैंने जो सेब चोरी करके खाया था वो तो मीठा था. ***************** संता बंता जोक्स: Santa Banta Jokes संता दुकानदार से :   मुझे इंडिया का झंडा दिखाओ. दुकानदार ने इंडिया का झंडा निकालर दिखाया. संता :   इसमें और कलर दिखाओ.. For More Visit Reguralry on www.jokes.jagranjuction.com गर्लफ्रेंड का बाप और छमिया: मजेदार चुटकुले Read:    Lovers non jokes,   हिन्दी चुटकुले, जोक्स, मस्ती, हिन्दी न्यूज, हिन्दी मस्ती भरे जोक्स

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया : कहानी कृष्ण जन्म की

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया जमुना के तट पे विराजे हैं मोर मुकुट पर कानों में कुण्डल कर में मुरलिया  साजे है कृष्ण जन्मकथा श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में देवकी व श्रीवसुदेव के पुत्र रूप में हुआ था. कंस ने अपनी मृत्यु के भय से अपनी बहन देवकी और वसुदेव को कारागार में कैद किया हुआ था. कृष्ण जी जन्म के समय घनघोर वर्षा हो रही थी. चारो तरफ़ घना अंधकार छाया हुआ था. भगवान के निर्देशानुसार कुष्ण जी को रात में ही मथुरा के कारागार से गोकुल में नंद बाबा के घर ले जाया गया. नन्द जी की पत्नी यशोदा को एक कन्या हुई थी. वासुदेव श्रीकृष्ण को यशोदा के पास सुलाकर उस कन्या को अपने साथ ले गए. कंस ने उस कन्या को वासुदेव और देवकी की संतान समझ पटककर मार डालना चाहा लेकिन वह इस कार्य में असफल ही रहा. दैवयोग से वह कन्या जीवित बच गई. इसके बाद श्रीकृष्ण का लालन–पालन यशोदा व नन्द ने किया. जब श्रीकृष्ण जी बड़े हुए तो उन्होंने कंस का वध कर अपने माता-पिता को उसकी कैद से मुक्त कराया. Read More Here : Krishna Janam ki Horror Story ...

लेडीज फर्स्ट की परंपरा

style="border: 1;" /> संता बंता जोक्स टीचर (छात्र से) : चलो तुम बताओ! सबसे पहली साइलेंट हिंदी फिल्म कौन सी थी? संता : सर! सवाल गलत है. टीचर : वो  कैसे? संता : अगर फिल्म साइलेंट थी तो यह कैसे पता चला कि फिल्म हिंदी है या इंग्लिश? Read more veg and nonveg jokes in hindi, santa banta jokes, sms jokes, chutkule in hindi, santa banta chutkule, sms, short sms, चुटकुले , लडकी पटाने का तरीका , लड़की-पटाने-का-नया-तरीका , लवर्स जोक्स , लाफ्टर एक्सप्रेस , संता बंता जोक्स , संता बता , हंसी मजाक , हास्य व्यंग्य , हिंदी जोक्स , हिंदी मस्ती , हिन्दी , हिन्दी जोक्स , हिन्दी में , हिन्दी में चुटकुले