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Showing posts from May, 2010

अगर यही जिन्दगी है तो क्या जिन्दगी है…(इसे नजरअंदाज न करें)

जीवन अनमोल होता है, जीवन भगवान के द्वारा हमें दिया गया सबसे बेहतरीन तोहफा है, और भी न जाने कितने शब्द जीवन की महत्ता को दर्शाने के लिए कवियों की कलम से निकले. लेकिन जब कभी जीवन की सुंदरता के पीछे छुपे बदसूरत चेहरे को देखा तो लगा कि यह तो वही बात है कि बदसूरती छुपाने के लिए परमात्मा ने भी प्लास्टिक सर्जरी कर रखी है जिन्दगी की. कभी-कभी तो लगता है कि प्रकृति के नियम अच्छे हैं, हर रात के बाद सवेरा कर ही देता है, लेकिन कुछ लोगों की जिन्दगी में भगवान ने सिर्फ रात ही क्यों लिखी है? मैं आज के इस पोस्ट में समाज के उस वर्ग पर प्रकाश डालना चाहता हूं जिसे आप और हम, हर कोई किसी न किसी रोड या मोड़ पर देखते हैं, देख कर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बहुत कम होते हैं जो उनके बारे में गंभीरता से सोचते हैं. कुछ लोग इनकी मदद के बहाने समाज सुधारक की पदवी धारण करते हैं तो कुछ नेता इनके नाम पर वोट भी मांग डालते हैं. मैं बात कर रहा हूं स्ट्रीट चाइल्ड और रोड पर रहने वाले लोगों की, जिन्हें न तो समाज ने मान्यता दी है न सरकार ने. रोज सवेरे दिल्ली की सड़कों पर सफर करते समय रोड के किनारे ऐसे परिवार मिल ...