Skip to main content

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया : कहानी कृष्ण जन्म की

मुरली मनोहर कृष्ण कन्हैया जमुना के तट पे विराजे हैं
मोर मुकुट पर कानों में कुण्डल कर में मुरलिया  साजे है

कृष्ण जन्मकथा
श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद कृष्ण अष्टमी की मध्यरात्रि को रोहिणी नक्षत्र में देवकी व श्रीवसुदेव के पुत्र रूप में हुआ था. कंस ने अपनी मृत्यु के भय से अपनी बहन देवकी और वसुदेव को कारागार में कैद किया हुआ था. कृष्ण जी जन्म के समय घनघोर वर्षा हो रही थी. चारो तरफ़ घना अंधकार छाया हुआ था. भगवान के निर्देशानुसार कुष्ण जी को रात में ही मथुरा के कारागार से गोकुल में नंद बाबा के घर ले जाया गया.

नन्द जी की पत्नी यशोदा को एक कन्या हुई थी. वासुदेव श्रीकृष्ण को यशोदा के पास सुलाकर उस कन्या को अपने साथ ले गए. कंस ने उस कन्या को वासुदेव और देवकी की संतान समझ पटककर मार डालना चाहा लेकिन वह इस कार्य में असफल ही रहा. दैवयोग से वह कन्या जीवित बच गई. इसके बाद श्रीकृष्ण का लालन–पालन यशोदा व नन्द ने किया. जब श्रीकृष्ण जी बड़े हुए तो उन्होंने कंस का वध कर अपने माता-पिता को उसकी कैद से मुक्त कराया.




Comments

Popular posts from this blog

क्यों राम में रमना मुश्किल कॄष्ण में आसान

बचपन से ही मेरे दिमाग में यह बात आती थी कि यह हर मां अपने बच्चे को कृष्णा, गोपाला ही क्यों बुलाती है। जबकि आदर्श तो राम हैं। मैं खुद भगवान राम को अपने हृदय में रखता हूं। पर हर जगह मैंने यही देखा कि राम की तुलना में कृष्ण की स्वीकार्यता जनता में अधिक है। राम केवल मुसीबत में लोगों को याद आते हैं जबकि कृष्ण हर घड़ी। आखिर क्या वजह है कि मेरे आराध्य राम की मान्यता माखनचोर कृष्ण के आगे फीकी पड़ जाती है।  बाद में पता चला कि राम और कृष्ण में अंतर हो ही नहीं सकता, दोनों जगतपालक श्री हरि विष्णु के ही अवतार हैं। दुविधाओं का अंत होता इससे पहले किसी बुजुर्ग ने दिमाग में बात डाल दी कि दोनों में अंतर मानना भी पाप है। पाप शब्द धर्म को मानने वाले के लिए काफी बड़ा होता है। सो इस विचार को कुछ सालों के लिए दिमाग से निकाल दिया।  पर जब खुद की समझ हुई तब इस खोज में कुछ समय निकाल की क्या वाकई चाहे राम कहों या श्याम एक ही बात है। काफी सोचने…. नहीं नहीं प्रैक्टिक्ल तौर से सोचने पर मैं एक निष्कर्ष पर पहुंचा कि आखिर क्यों कृष्ण सजग हैं और राम महान। यहां वह बात समझ आई कि हर चीज के दो रूप होते हैं...

PSEB 12th Class Results 2012 PSEB

Punjab Board 12th Result on internet वेबसाइट द्वारा रिजल्ट जानने के लिए लिए आप निम्न वेबसाइट का इस्तेमाल कर सकते हैं: www.pseb.ac.in http://results.pseb.ac.in/ http://results.punjabeducation.net/pseb-class-12.htm

तो इस मच्छर ने काटा है कसाब को

मच्छर जिंदाबाद मच्छर ने कसाब को काटा ,ये उसका जूनून था ….. कसाब ने उसे खुजाया ,ये उसका सुकून था …. चाह कर भी सरकार , उस मच्छर को मार न सकी ….. क्यूंकि उसकी रगों में, कसाब का खून था… Read: Truth of Kasab प्यारे मच्छर भाई देते तुम्हें दिल से बधाई आम आदमी का पिंड छोड़ शिकार किया कसाब कसाई ऐसे ही सभी आतंकियों को अपने डंक का शिकार बनाओ भारत के जल में जन्म लिया तो इस जल का क़र्ज़ चुकाओ ....... To Read More Visit: HASYAKAVITA  Kasab being treated for dengue, Ajmal Kasab, Kasab down with dengue in jail, Kasab suffering from dengue-like fever, Kasab diagnosed with Dengue, Kasab, Dengue