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Showing posts from December, 2012

जीजा-साली के चुटकुले: Jija Sali Veg Chutkule

जीजा-साली के चुटकुले: Jija Sali Veg Chutkule in Hindi Font साली : दीदी आप जीजू को ए.जी. क्यूं बोलती हैं? दीदी : अरे मैं सभ्य हूं ना इसलिए अब उन्हें भरे बाजार में अबे गधे (ए.जी.) नही बोल सकती ना इसलिए एजी से ही काम चला लेती हूं. ************* जीजा-साली के चुटकुले: Jija Sali Veg Chutkule in Hindi Font जीजा (हाथ में सिगरेट छुपा कर): बताओ मेरे हाथ में क्या है? पागल साली : रेलगाड़ी? जीजा : वो कैसे? साली : आपके हाथ से धुंआ निकल रहा है ना इसलिए. Post your Comment on: अगर आपके पास भी कुछ बेहतरीन जोक्स हों तो हमसे अवश्य शेयर करें. http://raftaar.in/ https://www.facebook.com/raftaar.in

गांधी जी की चाहत: National energy Day 2012

गांधी जी ने आजादी से पहले ही अपने देश में ऊर्जा के खत्म होते जा रहे संसाधनों पर चिंता व्यक्त की थी. उनका कहना था कि धरती ,   मानव जाति की जरूरतों को पूरा करने के लिए   पर्याप्त ऊर्जा प्रदान करता है   न कि हर व्यक्ति   के लालच को पूरा के लिए   -   महात्मा गांधी आज उनकी यह बात सच साबित हो रही है.  एक   अमेरिकी कहावत है कि “ पृथ्‍वी हमें अपने पूर्वजों से नहीं मिली है , हम अपने बच्‍चों से इसे उधार लेते हैं”   जिसे अगर हम ऊर्जा से जोड़ कर देखें तो इसका मतलब निकलता है जिन ऊर्जा के स्त्रोतों का आज हम इस्तेमाल कर रहे हैं वह दरअसल हमारे पूर्वजों द्वारा हमें दिया गया उपहार नहीं बल्कि आने वाले कल से हमारे द्वारा मांगा गया उधार है.   तो क्या आप भी उधार की जिंदगी जी रहे हैं जानिएं एक कड़बा सच   National Energy Conservation Day, Energy conservation, Energy Conservation Day, What is energy conservation, National Energy Conservation day 2012, Non Renewable Source of energy, Renewable Source of Energy, ऊर्जा के गैर पारंपरिक स्त्रोत, ऊर्जा क...

सोनिया गांधी की शादी थी भारत की बर्बदी

Read: राजनीति के इश्कजादे सोनिया भारत की सबसे ताकतवर और प्रभावशाली महिला सोनिया गांधी को आज भारत में किसी पहचान की जरूरत नहीं है. आज देश का लगभग हर शख्स इस शख्सियत को जानता है लेकिन इन्हें समझना शायद हर किसी के बस की बात नहीं. अपना देश छोड़ अपने प्यार के लिए किसी दूसरे देश की परंपरा को अपनाना, फिर उसी परंपरा के लिए दुनिया से लोहा लेना, पति की मृत्यु के बाद ना चाहते हुए भी खुद को राजनीति में लाना और फिर देश का सशक्त रूप से संचालन करना किसी परीकथा से कम नहीं है. शादी ने बदली जिंदगी इटली के एक आम परिवार की आम बेटी ने सोचा भी नहीं था कि राजीव गांधी से शादी उनकी जिंदगी बदल देगी. सोनिया गांधी जो कभी सिर्फ इटली के एक परिवार से जुड़ी थीं वह शादी के बाद पूरे भारत से जुड़ गई हैं और आज हालात यह हैं कि अगर उन्हें भारत पर राज करने वाले राजपरिवार की मुखिया कहा जाए तो अतिशयोक्ति नहीं होगी. Read: Love Story of Jawahar Lal Nehru  अधिक जाननें के लिए निम्न लिंक्ज पर क्लिक करें: एक ऐसी शादी जिसने बदली भारत की तकदीर

क्या गांधी जी के विरोधी थे बाबा साहब ?

बाबा भीम राव अंबेडकर जी का जीवन अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जन्मजात प्रतिभा संपन्न थे. डॉ. भीम राव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था. इनका परिवार महार जाति से संबंध रखता था जिन्हें लोग अछूत और बेहद निचला वर्ग मानते थे. लेकिन भीमराव अंबेडकर जी का बचपन से ही शिक्षा के प्रति रुझान था. बी.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के पश्चात आर्थिक कारणों से वह सेना में भर्ती हो गए. उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर बड़ौदा में तैनाती मिली. नौकरी करते उन्हें मुश्किल से महीना भर ही हुआ था कि एक दिन अचानक पिता की बीमारी का समाचार मिला. वह अपने अधिकारी के पास गए और अवकाश स्वीकृत करने की प्रार्थना की. अधिकारी ने कहा कि एक वर्ष की सेवा से पूर्व किसी दशा में अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता. सुनकर भीमराव असमंजस में पड़ गए. भीमराव ने पुन: अनुनय-विनय की, किंतु नियमों के अनुसार अधिकारी उन्हें अवकाश नहीं दे सकता था. विवश होकर भीमराव ने त्यागपत्र लिखकर वर्दी उतार दी. Social Work By B R Ambe...

Bhopal disaster 1984: क्या राजीव गांधी देशद्रोही थे????

क्या भोपाल कांड के दोषियों के मददगार थे राजीव गांधी ? भोपाल कांड ( Bhopal disaster 1984 ) देश के इतिहास पर सबसे बड़ा बदनुमा दाग है जिसकी वजह से आज भी भोपाल की हवा में जहर का अनुभव होता है. भोपाल गैस त्रासदी के 27 साल गुजरने के बाद भी जख्म अभी ताजे हैं. जब भी इस घटना की बरसी आती है तो इस दुर्घटना में मरने वाले और प्रभावित होने वाले हजारों मासूमों की याद जेहन में बरबस ताजा हो जाती है और आंखे नम. लेकिन इस बेहद घिनौने कांड को अंजाम देने वालों के साथ हमारी सरकार ने क्या किया? हमारी सरकार ने यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वारेन एंडरसन को उस समय देश से निकलने में पूरी मदद की जिसकी वजह से हजारों जानें गई. जानकार मानते हैं कि मध्य प्रदेश पुलिस की कैद से यूनियन कार्बाइड के प्रमुख वारेन एंडरसन को ‘दिल्ली’ ..... [To Read More Visit: क्या भोपाल कांड के दोषियों के मददगार थे राजीव गांधी ? ] Read:   Whats Happens in Bhopal Tragedy 1984? http://www.jagranjunction.com/2012/12/03/bhopal-disaster-1984-%E0%A4%AD%E0%A5%8B%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%B2-%E0%A4%95%E0%A4%BE%E0%A4%82%E0%A4%A...