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Showing posts from January, 2011

आखिर रक्षक ही भक्षक क्यूं बन गए

आखिर रक्षक ही भक्षक क्यूं बन गए घोर कलयुग का जमाना है यह तो हम सब जानते हैं पर यह कोई नहीं जानता कि इस कलयुग में पाप इतना बढ़ जाएगा कि जिसे हम अपना रक्षक समझेंगे वह ही हमारा भक्षक बन जाएगा. पिछले कुछ दिनों में ऐसी तमाम घटनाएं हुईं जिसने हमें अपने और पराए के बारे में एक बार और सोचने पर मजबूर कर दिया है. अभी हाल देश के कई हिस्सों से दो एमएलए जनता के सामने बेनकाब हुए हैं, जबकि बाकी अभी भी खादी पहने अपराध कर रहे हैं. यह घटना बांदा और बिहार जैसे इलाकों में राजनीति में सेक्स की पकड़ को जाहिर करती है. इन दो मामलों ने देश को शर्मसार तो किया ही है साथ ही देश में फैली अशांति और असुरक्षा की भावना को जगजाहिर कर दिया है. किस तरह एक महिला सालों तक शारीरिक प्रताड़ना को सहती है और अंत में जब उसकी बेटी की इज्जत दांव पर लग जाती है तो नारी चंडी बन जाती है और किस तरह एक हवशी एमएलए एक नाबालिग की इज्जत के साथ खेलता है, इन दोनों केसों से साफ हो जाता है. और सिर्फ यही नहीं पिछले साल मध्यप्रदेश में एक केस सामने आया था जिसमें दो पुलिसवालों ने दबंगई के सहारे एक लड़की के साथ कई बार जबरदस्ती की और जब इससे भी मन नही भर...