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आखिर रक्षक ही भक्षक क्यूं बन गए

आखिर रक्षक ही भक्षक क्यूं बन गए घोर कलयुग का जमाना है यह तो हम सब जानते हैं पर यह कोई नहीं जानता कि इस कलयुग में पाप इतना बढ़ जाएगा कि जिसे हम अपना रक्षक समझेंगे वह ही हमारा भक्षक बन जाएगा. पिछले कुछ दिनों में ऐसी तमाम घटनाएं हुईं जिसने हमें अपने और पराए के बारे में एक बार और सोचने पर मजबूर कर दिया है. अभी हाल देश के कई हिस्सों से दो एमएलए जनता के सामने बेनकाब हुए हैं, जबकि बाकी अभी भी खादी पहने अपराध कर रहे हैं. यह घटना बांदा और बिहार जैसे इलाकों में राजनीति में सेक्स की पकड़ को जाहिर करती है. इन दो मामलों ने देश को शर्मसार तो किया ही है साथ ही देश में फैली अशांति और असुरक्षा की भावना को जगजाहिर कर दिया है. किस तरह एक महिला सालों तक शारीरिक प्रताड़ना को सहती है और अंत में जब उसकी बेटी की इज्जत दांव पर लग जाती है तो नारी चंडी बन जाती है और किस तरह एक हवशी एमएलए एक नाबालिग की इज्जत के साथ खेलता है, इन दोनों केसों से साफ हो जाता है. और सिर्फ यही नहीं पिछले साल मध्यप्रदेश में एक केस सामने आया था जिसमें दो पुलिसवालों ने दबंगई के सहारे एक लड़की के साथ कई बार जबरदस्ती की और जब इससे भी मन नही भर...

अगर यही जिन्दगी है तो क्या जिन्दगी है…(इसे नजरअंदाज न करें)

जीवन अनमोल होता है, जीवन भगवान के द्वारा हमें दिया गया सबसे बेहतरीन तोहफा है, और भी न जाने कितने शब्द जीवन की महत्ता को दर्शाने के लिए कवियों की कलम से निकले. लेकिन जब कभी जीवन की सुंदरता के पीछे छुपे बदसूरत चेहरे को देखा तो लगा कि यह तो वही बात है कि बदसूरती छुपाने के लिए परमात्मा ने भी प्लास्टिक सर्जरी कर रखी है जिन्दगी की. कभी-कभी तो लगता है कि प्रकृति के नियम अच्छे हैं, हर रात के बाद सवेरा कर ही देता है, लेकिन कुछ लोगों की जिन्दगी में भगवान ने सिर्फ रात ही क्यों लिखी है? मैं आज के इस पोस्ट में समाज के उस वर्ग पर प्रकाश डालना चाहता हूं जिसे आप और हम, हर कोई किसी न किसी रोड या मोड़ पर देखते हैं, देख कर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन बहुत कम होते हैं जो उनके बारे में गंभीरता से सोचते हैं. कुछ लोग इनकी मदद के बहाने समाज सुधारक की पदवी धारण करते हैं तो कुछ नेता इनके नाम पर वोट भी मांग डालते हैं. मैं बात कर रहा हूं स्ट्रीट चाइल्ड और रोड पर रहने वाले लोगों की, जिन्हें न तो समाज ने मान्यता दी है न सरकार ने. रोज सवेरे दिल्ली की सड़कों पर सफर करते समय रोड के किनारे ऐसे परिवार मिल ...