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क्या गांधी जी के विरोधी थे बाबा साहब ?

बाबा भीम राव अंबेडकर जी का जीवन
अपने माता-पिता की चौदहवीं संतान के रूप में जन्में डॉ. भीमराव अम्बेडकर जन्मजात प्रतिभा संपन्न थे. डॉ. भीम राव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के एक छोटे से गांव में हुआ था. इनका परिवार महार जाति से संबंध रखता था जिन्हें लोग अछूत और बेहद निचला वर्ग मानते थे. लेकिन भीमराव अंबेडकर जी का बचपन से ही शिक्षा के प्रति रुझान था.



बी.ए. की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण करने के पश्चात आर्थिक कारणों से वह सेना में भर्ती हो गए. उन्हें लेफ्टिनेंट के पद पर बड़ौदा में तैनाती मिली. नौकरी करते उन्हें मुश्किल से महीना भर ही हुआ था कि एक दिन अचानक पिता की बीमारी का समाचार मिला. वह अपने अधिकारी के पास गए और अवकाश स्वीकृत करने की प्रार्थना की. अधिकारी ने कहा कि एक वर्ष की सेवा से पूर्व किसी दशा में अवकाश स्वीकृत नहीं किया जा सकता. सुनकर भीमराव असमंजस में पड़ गए. भीमराव ने पुन: अनुनय-विनय की, किंतु नियमों के अनुसार अधिकारी उन्हें अवकाश नहीं दे सकता था. विवश होकर भीमराव ने त्यागपत्र लिखकर वर्दी उतार दी.


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