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अप्रैल, 2003 को घर में घुस कर कुछ युवकों ने उसके ऊपर एसिड डाल दिया था.
इसकी वजह से उसकी दोनों आंखों की रोशनी चली गई और दाहिने कान से सुनाई भी
देना बंद हो गया. इन युवकों ने एक दिन पहले उसके साथ छेड़छाड़ की थी जिसके
जवाब में उसने इन लड़को को कुछ इस अंदाज में डांटा था “प्लीज मेरा दुपट्टा दे दीजिए, मुझे छोड़ दीजिए, मुझे घर जाना है. प्लीज मेरे साथ ऐसा मत कीजिए. मैं तुम सबकी शिकायत तुम्हारे घर वालों और अपने परिवार से करूंगी.”
इतना कहना उन जालिमों को नागवार गुजरा और देखते ही देखते एक रात एसिड फेंककर उस युवती का चेहरा बिगाड़ दिया.
लेकिन
शायद सोनाली इस घाव को भूल भी जाती लेकिन समाज और सरकार की बेरुखी ने उसे
इस कदर तड़पा दिया कि उसने अपने लिए मौत मांगना ही सही....Read more {सिर्फ चेहरा ही नहीं आत्मा भी जलाती है…}
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