शहीद भगत
सिंह ने ही देश के नौजवानों में ऊर्जा का ऐसा गुबार भरा कि विदेशी हुकूमत
को इनसे डर लगने लगा. हाथ जोड़कर निवेदन करने की जगह लोहे से लोहा लेने की
आग के साथ आजादी की लड़ाई में कूदने वाले भगत सिंह की दिलेरी की कहानियां आज
भी हमारे अंदर देशभक्ति की आग जलाती हैं. माना जाता है अगर उस समय देश के
बड़े नेताओं ने भी भगतसिंह और उनके क्रांतिकारी साथियों का सहयोग किया होता
तो देश वक्त से पहले आजाद हो जाता और तब शायद हम और अधिक गर्व महसूस करते.
लेकिन देश के एक नौजवान क्रांतिकारी को अंग्रेजों ने फांसी की सजा दे दी.
लेकिन मरने के बाद भी भगत सिंह मरे नहीं. आज के नेताओं में जहां हम हमेशा
छल और कपट की भावना देखते हैं जो मुंबई हमलों के बाद भी अपना स्वाभिमान और
गुस्से को ताक पर रख कर बैठे हैं, उनके लिए भगत सिंह एक आदर्श शख्सियत हैं
जिनसे उन्हें सीख लेनी चाहिए.
Read More About Bhagat Singh At http://bit.ly/GH8Nwf
Comments
Post a Comment